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| pankaj sir |
31 जुलाई 1995. यह वही तारीख़ है, जब देश में मोबाइल फोन से पहला कॉल लगाया गया था. साल 1995 में 31 जुलाई को केंद्र सरकार में तत्कालीन मंत्री सुखराम और पश्चिम बंगाल के सीएम ज्योति बसु के बीच पहला मोबाइल फोन कॉल लगाया गया था और दोनों ने बात की थी. सबसे पहले यही जानें कि आखिर उस पहले कॉल पर क्या बात हुई थी
ये देश में सबसे बड़ी क्रांति thi
दिल्ली स्थित टेलिकम्युनिकेशन्स विभाग से उस वक्त संचार मंत्री सुखराम ने ज्योति बसु को पहला मोबाइल फोन कॉल लगाया था. हिंदू बिज़नेस के मुताबिक़ उस वक्त पश्चिम बंगाल के सीएम बसु कोलकाता स्थित राइटर्स भवन में थे. इस कॉल पर सुखराम ने बसु से कहा था कि वायरलैस तकनीक पर आधारित टेलीफोन की यह प्रणाली देश में सबसे बड़ी क्रांति साबित होने वाली है. और दोनों ही नेताओं ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण माना था. यह पहला कॉल उस समय 16 रुपये प्रति मिनट की दर के हिसाब से लगा
2015 में उमंग दास ने इकोनॉमिक टाइम्स के लिए लिखे लेख में पूरी कहानी विस्तार से बताई थी कि कैसे इस संचार क्रांति की कहानी शुरू हुई और अंजाम तक पहुंची. अस्ल में, 1994 में ज्योति बसु ने उद्योगपति भूपेंद्र कुमार मोदी के साथ मुलाकात में कहा था कि कलकत्ता वो शहर हो, जहां देश में सबसे पहले मोबाइल नेटवर्क पहुंचे. इसके बाद प्रोजेक्ट काउंटडाउन शुरू हुआ था. बीके मोदी अपनी टेलीकॉम कंपनी मोदी टेल्स्ट्रा के तहत जीएसएम नेटवर्क के लिए काम शुरू कर चुके थे. था इस मुलाकात के बाद बीके मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई पार्टनर टेल्स्ट्रा के अलावा नोकिया से संपर्क कर तकनीकी मदद जुटाई और फिर नौ महीने बाद भारत में भारत में सेल्युलर सेवा का सपना हकीकत बना. इसके बाद चली विकास यात्रा से तो तकरीबन सभी वाकिफ हैं.

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