19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 20वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में कुछ पश्चिमी देशों की तकनीकी, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति में काफी बड़ा बदलाव आया, जिसे औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) कहा गया। धीरे-धीरे ये क्रांति पूरे विश्व में फैल गई। 1844 में “औद्योगिक क्रांति” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आरनोल्ड टायनबी ने अपनी पुस्तक “लेक्चर्स ऑन दी इंड्स्ट्रियल रिवोल्यूशन इन इंग्लैंड” में किया था। औद्योगिक क्रांति के परिणामस्वरूप यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका में नये-नये उद्योग-धन्धे आरम्भ हुए। इसके बाद नयी-नयी आधुनिक तकनीकों के आगमन ने उद्योगों को जबर्दस्त बढ़ावा दिया। इसी कड़ी में शामिल हुआ 4×3 इंच की स्क्रीन वाला एक मशीन, जिसने उद्योग के क्षेत्र में एक नयी क्रांति ला दी। आज से 79 वर्ष पहले यानी 1940 में किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि, यह छोटा-सा कंप्यूटर व्यापारियों को उनके मोटे-मोटे बही खातों से छुटकारा दिला देगा। बस, एक क्लिक में बड़ा से बड़ा हिसाब आसानी से किया जा सकेगा। भारी-भरकम ऑफिस का सारा काम 4×3 इंच के स्क्रीन में सिमट जाएगा। कंप्यूटर आज हर क्षेत्र में हर किसी की जरूरत बन गया है। अस्पताल हो या स्कूल, ऑफिस हो या मॉल या फिर आपका घर ही क्यों न हो, कंप्यूटर के बिना कोई भी काम करना अब असंभव-सा लगता है। आइए जानते हैं कंप्यूटर की शुरुआत कैसे हुई ? और व्यापार की दुनिया में कंप्यूटर इतना महत्वपूर्ण क्यों हो गया है ?
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| PANKAJ SIR |
ईसा की पहली शताब्दी में भी था कंप्यूटर
प्रथम शताब्दी में यांत्रिक रेखीय संगणक यानी यांत्रिक रेखीय (एनालॉग) संगणकों का प्रादुर्भाव शुरू हो गया था, जिन्हें बाद में मध्यकालीन युग में खगोल शास्त्रीय गणनाओं के लिए प्रयोग किया गया। द्धितीय विश्व युद्ध (1935-1945) के दौरान यांत्रिक रेखीय संगणक को विशेषीकृत सैन्य कार्यो में उपयोग किया गया। इसी दौरान पहले विद्युतीय अंकीय परिपथ वाले संगणकों का विकास हुआ। प्रारम्भ में वो एक बड़े कमरे के आकार के होते थे और आज के आधुनिक सैकड़ों निजी संगणकों के बराबर बिजली का उपभोग करते थे। 1940-1945 में पहला इलेक्ट्रॉनिक अंकीय संगणक का विकास यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में किया गया था।
कंप्यूटर ने आसान बनाया काम और बचाया समय
आज व्यापार क्षेत्र में कंप्यूटर एक अहम् भूमिका निभा रहा है। कंप्यूटर ने न सिर्फ काम को आसान बनाया है, अपितु समय के सदुपयोग में भी मददगार सिद्ध हो रहा है। पहले ऑफिस में कागज़ों पर हाथ से लिख कर महत्वपूर्ण जानकारी सुरक्षित रखी जाती थी और ढेरों बही खाते भर जाते थे, वहीं आज कंप्यूटर ने इस समस्या को दूर कर दिया है। वेतन की गणना करनी हो या बाज़ार की जानकारी लेनी हो, किसी को पत्र लिखना हो या अपने व्यवसाय से संबंधित कोई विशेष जानकारी लेनी हो, कंप्यूटर की मदद से आसानी से ली जा सकती है।


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